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कोरोना से लड़ने में क्या मददगार होगा बीसीजी टीका? ब्रिटेन के वैज्ञानिक कर रहे हैं रिसर्च BCG vac
  • कोरोना से लड़ने में क्या मददगार होगा बीसीजी टीका? ब्रिटेन के वैज्ञानिक कर रहे

    发布时间:2020-10-13   分类:数字货币价格排行
    coronavirus-vaccination कोरोना से लड़ने में क्या मददगार होगा बीसीजी टीका? ब्रिटेन के वैज्ञानिक कर रहे हैं रिसर्च

    BCG vaccine against Covid-19 : कोरोनावायरस को जड़ से खत्म करने के लिए वैज्ञानिकों द्वारा वैक्सीन की खोज जारी है। इसी बीच कई अन्य बीमारियों में इस्तेमाल किए जानें वाले वैक्सीन पर भी अध्ययन किया गया कि क्या यह कोरोना को खत्म करने के काम आ सकता है या नहीं। अब हाल ही में ब्रिटेन के वैज्ञानिकों द्वारा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या टीबी की रोकथाम में इस्तेमाल किया जाने वाला टीका कोरोना के संक्रमण को खत्म करने में मददगार साबित हो सकता है या (BCG vaccine against Covid-19)नहीं। Also Read - कई प्रतिभागियों के बीमार पड़ने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने बंद किया कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल

    बिट्रेन द्वारा यह ट्रायल अंतराष्ट्रीय लेवल पर किया जा रहा है। इस अध्ययन में करीब 20 हजार वॉलियंटियर को शामिल किया जाएगा। इस परीक्षण में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि क्या बीसीजी (बैसिलस कैलमेट-गुएरिन) का टीका कोरोनावायरस के प्रति सुरक्षा दे पाएगा या (BCG vaccine against Covid-19) नहीं। Also Read - हिमाचल के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर कोविड-19 से संक्रमित, सरकारी आवास में हुए आइसोलेट

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    बीसीजी वैक्सीन को लेकर पूर्व में ही कई अध्ययन हुए हैं। इन अध्ययन में संकेत मिले हैं कि बीजीसी टीके को लगाने से इंसानों की इम्यूनिटी पावर मजबूत होती है, 这回 जो मरीजों को अन्य वायरल समस्याओं से छुटकारा दिला सकती है। ब्रिटेन के एक्स्टर यूनिवसटी के प्रोफेसर जॉन कैंपबेल ने इस बारे में कहा कि बीसीजी वैक्सीन लगाने से इम्यूनिटी मजबूत होती है। यह कोरोना के खिलाफ लड़ने में कुछ सहायता प्रदान कर सकता है। Also Read - अनमैरिड लोगों को है कोविड-19 से मृत्यु का रिस्क ज़्यादा, 细胞 वैज्ञानिकों ने किया दावा

    अभी वैज्ञाानिकों द्वारा इस बात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या बीसीजी टीमा उन लोगों को कोरोना के संक्रमण से बचा सकता है, जिन्हें कोरोना होने का खतरा अधिक है। अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है, तो इस टीके का इस्तेमाल फ्रंटलाइन वर्कर्स को लगाया जाएगा। ट्रायल का हिस्सा बनने वाले लोगों पर 1 साल तक निगरानी की जाएगी। इस दौरान यह देखा जाएगा कि वह कोरोना की चपेट में आ रहे हैं या नहीं।

    ब्रिटेन का यह अध्ययन ऑस्ट्रेलिया के नेतृत्व में चल रहा है, जिसे अप्रैल में शुरु किया गया था। स्पेन, नीदरलैंड, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील में भी इसी तरह का परीक्षण चल रहा है। भारत में भी इस टीके पर अध्ययन शुरू किया जा चुका है। बता दें कि बीसीजी वैक्सीन अधिकतर बच्चों को ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) में बचाव के लिए लगाई जाती है।

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    Published : October 13, 2020 11:45 am | Updated:October 13, 2020 11:46 am Read Disclaimer Comments - Join the Discussion कई प्रतिभागियों के बीमार पड़ने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने बंद किया कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायलकई प्रतिभागियों के बीमार पड़ने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने बंद किया कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल कई प्रतिभागियों के बीमार पड़ने के बाद जॉनसन एंड जॉनसन ने बंद किया कोविड-19 वैक्सीन का ट्रायल ,